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आजमगढ़ में इंस्पेक्टर को आजीवन कारावास की सजा:पुलिस कस्टोडियल डेथ में मौत के मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा 2003 में हुई थी घटना

आजमगढ़/उत्तर प्रदेश

आजमगढ़ में इंस्पेक्टर को आजीवन कारावास की सजा:पुलिस कस्टोडियल डेथ में मौत के मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा 2003 में हुई थी घटना

आजमगढ़ जिले की कोर्ट ने कस्टोडियल डेथ में हत्या के मामले में रानी की सराय थाने के पूरे इंस्पेक्टर रहे जयेंद्र उर्फ जैनेंद्र कुमार सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने 105000 का जुर्माना भी लगाया है।

यह फैसला जिला और सत्य न्यायाधीश जयप्रकाश पांडेय की अदालत ने सुनाया है। इस मामले में सात गवाहों को अदालत में पेश किया गया था जिनकी गवाही के आधार पर यह फैसला सुनाया गया है।

बैटरी चोरी के मुकदमे में लिया गया था हिरासत में

अभियोजन कहानी के अनुसार वादी मुकदमा जितेंद्र यादव निवासी दौलतपुर थाना मेंहनगर के पिता हरिलाल यादव को रानी की सराय थाने की पुलिस ने 29 मार्च 2003 को एक बैटरी चोरी के मुकदमे में हिरासत में लिया था।

उसी रात हरिलाल के बारे में जानकारी होने पर जितेंद्र यादव अपने रिश्तेदार रामवचन यादव के साथ 29 मार्च को 2003 को थाने पर पहुंचा था। जितेंद्र यादव के सामने ही पूछताछ के दौरान थानाध्यक्ष जे के सिंह के ललकारने पर दरोगा नरेंद्र बहादुर सिंह ने हरिलाल यादव को गोली मार दी। घायल हरिलाल यादव को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां हरिलाल यादव की मृत्यु हो गई।घटना के समय जितेंद्र यादव तथा रामवचन यादव को हवालात में बंद कर दिया गया।

घटना के दूसरे दिन 30 मार्च को कोतवाली में जितेंद्र की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज किया गया। उधर घटना के बाद इसी मामले में रानी की सराय थाने में हत्या का मुकदमा दरोगा नरेंद्र बहादुर सिंह के विरुद्ध पहले ही दर्ज कर लिया गया था। जिसके कारण शहर कोतवाली में दर्ज मुकदमे को रानी की सराय थाने में दर्ज मुकदमे में शामिल कर लिया गया। बाद में शासन ने सितंबर 2003 में इस मामले की जांच सी बी सी आई डी को सौंप दी। सीबीसीआईडी ने फरवरी 2005 में चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया।

दौरान मुकदमा आरोपी दरोगा नरेंद्र बहादुर सिंह की मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी तथा सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक कुमार मिश्रा ने कुल सात गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी तत्कालीन थानाध्यक्ष जे के सिंह को आजीवन कारावास तथा एक लाख पांच हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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